Bookmark and Share

19-april-14-w

वीकेंड पोस्ट में मेरा कॉलम (19 अप्रैल 2014)

नाम होता है तो नामा भी मिलने लग जाता है, इसीलिए नाम कमाने की बेताबी हर जगह दिखाई देती है। हर कोई खबरों का खिलाड़ी बना हुआ है। खबरों के खिलाड़ी हर क्षेत्र में बहुत सक्रिय हैं। ऐसे लोगों की भारी भीड़ है, जो खबरों में बने रहने के लिए उतावले हैं। खबरों में बने रहने के लिए नेता और अभिनेता तो मरे ही जा रहे हैं, सामाजिक कार्यकर्ता और बिजनेसमैन भी उतावले हैं। खिलाड़ी और मॉडल इस लाइन में पहले से हैं ही। 

राजनीति में दिग्विजयसिंह, बेनीप्रसाद वर्मा, मुलायमसिंह यादव, छगन भुजबल जैसे लोग खबरों के खिलाड़ी माने जाते हैं, लेकिन अरविंद केजरीवाल ने आकर इन तमाम नेताओं की छुट्टी कर दी। जितना फुटेज केजरीवाल को दो साल में मिला, उतना तो इन नेताओं को पूरी जिंदगी में नहीं मिला होगा। केजरीवाल ने छींका भी तो टीवी पर। केजरीवाल तो केजरीवाल, उनके मफलर और खांसी तक ने इतनी प्रसिद्धि पाई कि अनेक नेता उनसे जलन करने लगे। केजरीवाल को अगर पीछे छोड़ा तो नरेंद्र मोदी ने। उनका हर कदम मीडिया के लिए सुर्खियां रहा। नेगेटिव भी और पॉजिटिव भी। मोदी से जुड़ी हर खबर अच्छी टीआरपी बटोरती रही है।

फिल्मी दुनिया की सारी चमक-दमक ही खबरों के लिए होती है। पूनम पांडे दीदी और राखी सावंत बहनजी को ही देखिए। कोई मौका चूकती हैं क्या? राखी बहन तो भाजपा की बेटी बनकर भाजपा मुख्यालय भी घूम आईं। चारा नहीं मिला तो आम आदमी पार्टी की तर्ज पर राष्ट्रीय आम पार्टी बनाकर उम्मीदवार बन बैठीं। नगमा और गुल पनाग जैसी हीरोइनें जो समलैंगिकता का समर्थन करते हुए खबरों में बनी रहीं और अब नेता बनने की कतार में हैं। सुष्मिता सेन जैसी ब्रह्माण्ड सुंदरी की चर्चा फिल्मों या फैशन शो से ज्याद उनके कुछेक दर्जन प्रेमियों के कारण होती है। शिल्पा शेट्टी और प्रीति जिंटा फिल्मों से पिटने के बाद आईपीएल टीम के कारण पेज तीन पर रहती हैं। खबरें बनाने वाले अनगिनत पत्रकार अब खबरों के लेखक नहीं, खबरों के स्रोत बन बैठे हैं।

खिलाड़ी भी इस क्षेत्र में बहुत हैं। वे खेलकर खबरों में आए और अब खिलाड़ी बन बैठे खबरों के। सचिन राज्यसभा में जाकर छाए हुए हैं तो अजहरुद्दीन राजनीति से लेकर ज्वाला गुट्टा तक के लिए चर्चा में हैं। सिद्धू पाजी कॉमेडी की दुकान सजाकर बैठे हैं और विनोद काम्बली कमेंटेटर और एक्सपर्ट बन गए हैं। हर सेलेब्रिटी सेल्सपर्सन में तब्दील हो गई है जो तेल, क्रीम, कार, मोबाइल, चॉकलेट, परफ्यूम तथा मकान से लेकर शराब और ताकत और जवानी तक की सामग्री बेचने में मशगूल हैं। जो लोग समाज के असली हीरो हैं, उपेक्षित हैं। जिनके आदर्श प्रेरणा दे सकते हैं, गुमनामी में हैं और फर्जी नायक खबरों के खिलाड़ी बने ज्ञान बांट रहे हैं।

Copyright © प्रकाश हिन्दुस्तानी

Search

मेरा ब्लॉग

blogerright

मेरी किताबें

  Cover

 buy-now-button-2

buy-now-button-1

 

मेरी पुरानी वेबसाईट

मेरा पता

Prakash Hindustani

FH-159, Scheme No. 54

Vijay Nagar, Indore 452 010 (M.P.) India

Mobile : + 91 9893051400

E:mail : prakashhindustani@gmail.com