
प्रीतिश नंदी कम्युनिकेशंस की 'मस्तीज़ादे' एकता कपूर की 'क्या कूल हैं हम 3' की अगली कड़ी लगती है. बंगाली भद्रलोक के निर्माता की थर्ड रेट भोजपुरी फिल्म ! सनी लियोन डबल रोल में हैं -- लैला लेले और लिली लेले। फिल्म में दूसरे पात्रों के नाम हैं प्रो. मारखोलकर, दिल खड़ावाला, चोटिया, शेकर (शेखर नहीं), संडास, मिस्टर केले... सनी की खूबी है कि उनके चहरे पर सदा एक ही भाव रहता है और वे हर फिल्म और भूमिका में एक जैसा ही काम करती हैं.
फिल्म में मराठी उपनामों का, भाई बहन के रिश्तों का, असली प्रेम का तो मज़ाक बनाया ही गया है; विकलांगों और सैनिकों (देशप्रेमी) का भी मज़ाक बनाया गया है। फिल्म के लगभग सभी डॉयलॉग में लेना, देना, निप्पल, दूध, आगे, पीछे, पोपट, खोल, दे दे, बैडरूम, जमीन, पिछवाड़ा, बिस्तर, बीप, बीप बीपिया तो हैं; गाने भी ऐसे ही पवित्र हैं -''देखोगे राजा ट्रेलर कि पिक्चर दिखा दूँ... ?'' और ''लैला तेरी ले लेगी तू लिख कर ले ले। ....."

व्हाट'स ऍप के लतीफों और यूट्यूब के सविता भाभी छाप वीडियो से प्रेरित यह फिल्म प्रीतीश नंदी की कंपनी की 23 वीं फिल्म है। फिल्म के पार्टनर हैं मैनफोर्स कंडोम और लॉमेन्स जींस। प्रीतिश और उनकी बेटी रंगिता कैसे ऐसी फिल्म बना सकते हैं, जिसे देखने में हमें मितली आती है? ये बाप-बेटी शायद भाई बहन --तुषार और एकता कपूर को टक्कर देना चाहते हैं! इस फिल्म में साल खडूस से ज्यादा दर्शक थे जो सनी को देखने आये थे. आखिर सनी गूगल की सबसे ज्यादा सर्च की जानेवाली शख्सियत जो है !
29 Jan 2016 07:15 PM
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Film Review इमोशनल अत्याचार है साला खडूस

चक-दे इंडिया और मैरी कॉम के आगे साला खडूस चवन्नी भी नहीं है। पूरी फिल्म में इमोशन का अतिरेक है। कहानी कल्पनीय है और गाने औसत। तमिल और हिन्दी में एक साथ बनने वाली साला खडूस तमिल में भले ही सुपर-डुुपर हिट हो, हिन्दी के दर्शक उतना पसंद नहीं करने वाले। फिल्म की