
इंसान की मूर्खताओं की कोई इन्तेहाँ नहीं होती. सब जानते हैं! पर बॉलीवुडवाले इससे कमाना जानते हैं. नाडियादवालों को पता है कि मर्द मूर्खता करे तो गुस्सा आता है, औरतें करें तो प्यार! पुरानी 2 'हाउसफुलें' की मूर्खताएं लोगों को मज़ा दे गई तो यह भी टाइमपास करेगी.
'हाउसफुल 3' में 3 हीरो हैं, 3 हीरोइनें. बिग बी का छोटा बी अभिषेक, सुपरस्टार राजेश खन्ना का दामाद अक्षय, नेताजी का छोरा रितेश देशमुख. 3 हीरोइनें हैं मिस श्रीलंका जैकलीन फर्नान्डीज़, आस्ट्रेलियाई सुंदरी लिसा हेडन और पाकिस्तानी-अंग्रेज नर्गिस फाखरी. इसके अलावा बोमन ईरानी, जैकी श्रॉफ़, जॉनी लीवर, चंकी पाण्डे, समीर कोचर भी हैं. संगीत 5 लोगों ने मिलकर दिया है। गाने 9 लोगों ने लिखे हैं, डायरेक्शन 2 ने किया है.
हो गया हाउसफुल!!!
न न, ये फ़िल्म हाउसफुल नहीं, हाउस फूल है!
इसे देखना हो तो दिमाग घर पर रखकर जाएँ. खैर, दिमाग तो सबके पास होता नहीं; इमोशन तो होते हैं. इस फ़िल्म में भावनाओं का भी मज़ाक बनाया गया है. वॉटसअप के घिसे-पिटे जोक, दिव्यांगों का मजाक, विवाह जैसे पवित्र बंधन की खिल्ली इसमें उड़ाई गई है. इंटरवल के बाद कई बार फ़िल्म अझेलनीयता की हदें पार कर जाती है. लगभग पूरी फ़िल्म लन्दन में शूट की गई है. फैन की तरह इसमें भी मैडम तुसाद का माँ के पुतलों का स्टूडियो दिखाया गया है. फ़िल्म में चीप जोक्स, चीप गानों के बोल, चीप डॉयलॉग्स और फूहड़ परिस्थितियों के बहाने हास्य की कोशिश है. नाडियाडवाला छाप मनोरंजन !
रमजान में बॉलीवुडवाले नई फिल्म लगाने से बचते हैं. पर आईपीएल खत्म हो गया है. स्कूल कॉलेज के छात्र भी कूल हैं.... और यह आईपीएल के बाद का पहला शुक्रवार है। अतीत में आईपीएल के बाद के पहले शुक्रवार को अक्षय कुमार की 'राउडी राठौर' और 'हॉलीडे' लगी थी, चल गई. बॉक्स ऑफिस के अभी बेहाल हैं और 'हाउसफुल 3' से बहुत उम्मीदें हैं.
अपनी रिस्क पर फ़िल्म देखने जाएँ. मेरी कोई ज़िम्मेदारी नहीं होगी. भूल-चूक लेनी-देनी का कॉलम नहीं है!