
फिल्म शुरू होने के पहले सिनेमा के पर्दे पर लिखा हुआ आता है- इस फिल्म के निर्माण के दौरान किसी भी जानवर के प्रति क्रूरता नहीं बरती गई है। लिखा हुआ आना था- इस फिल्म को देखने के दौरान केवल दर्शकों के साथ ही क्रूरता बरती गई, जिसका हमें कोई अफसोस नहीं है। जिन लोगों को इस सीरिज की पहली फिल्में पसंद आई थी, वे इसे भी पसंद करेंगे। दोहरे अर्थ वाले फूहड़ संवादों और अदाओं की इस फिल्म में भरमार है। ऐसे लतीफे आमतौर पर बिगड़ैल बच्चे वाट्सएप पर पढ़ना पसंद करते है।

फिल्म में इमोशन का नामो-निशान नहीं। केवल गंदे लतीफे और चुहलबाजी। फिल्म में एसएमएस का अर्थ बताया गया है सुंदर मगर सेक्सी। फिल्म कहती है कि अगर पत्नियां करवा चौथ का व्रत रखें, तो पति कितना भी बेवफा और नाकारा हो, वश में आ ही जाता है। वैसे इस फिल्म का नाम 'सेक्सी भूतनी' या 'रागिनी की हवेली' या 'रागिनी की हवेली में सेक्सी भूतनी' भी हो सकता था।
इस फिल्म में भूतिया हवेली है, छत पर उल्टी लटकी चलती हुई भूतनी भी है, जो जिगोलो को मुर्गा बना देती है। फिल्म में तीन पिटे हुए हीरो है, जिनकी हमेशा साढ़े छह बजी रहती है। रामसे और कामसे भी है, वाइब्रेटर की तरह भूतनी से डरते हुए शिकार है, बाबू रंगीला और बाबा अंताक्षरी भी है। इस फिल्म के सभी पात्र इतने लो आइक्यू वाले हैं कि दर्शकों को अपने आइक्यू पर शर्म आने लगती है। गाने ऐसे कि जॉनी मेरा नाम की पद्मा खन्ना भी शरमा जाए।
इस फिल्म की कोई अच्छी बात है, तो वह यह कि इसके कारण रितेश देशमुख, विवेक ओबरॉय, आफताब शिवदासानी जैसे बेरोजगारों को काम मिला और उर्वशी रौतेला, श्रद्धा दास, मिष्टी चक्रवर्ती, पूजा चोपड़ा, सोनम चौहान, सना खान, इशिता दत्ता जैसी हीरोइनों को दो अर्थ वाले संवाद बोलने का मौका। संजय मिश्रा ओवर एक्टिंग से नहीं बच पाए।

फिल्म में सास, साली और साले को लेकर घटिया प्रहसन रचा गया है। इनसे परेशान तीन शादी-शुदा मर्द गांव में पुरानी हवेली जाते है, जहां एक ऐसी अतृप्त आत्मा भूत बनकर घूम रही है, जो पचास साल भूत और बीस साल मानव शरीर में रहती है। यह भूतनी बड़ी ही सिद्धांतवादी है, जो मानती है कि मस्ती का मजा जबरदस्ती में नहीं है। अब भूतनी तो भूतनी ठहरी, वह चाहे जो कर सकती थी पर करती नही, यहीं उसकी महानता रहती है। जाते-जाते भूतनी का प्रेमी बाबू रंगीला संदेश दे जाता है कि शाकाहारी बनो।

फिल्म के संगीत को बहुत प्रचारित किया जा रहा है, जबकि उसके गानों के बोल छिछोरे है। समीर अंजान, मनोज यादव और कुमार के लिखे इन गानों के बोल है- ‘तेरी कमर को’, ‘रेशम का रुमाल’, ‘लिपस्टिक लगा के’, ‘आइ वाना तेरा इश्क’ आदि। सिनेमा हाल में दर्शक बात करते है कि यह फिल्म अपनी मां-बहन के साथ नहीं देख सकते, हां दूसरों की मां-बहन के साथ देखी जा सकती है।