
सेंसरबोर्ड को चाहिए था कि वह फीवर फिल्म को ए के बजाय बी सर्टिफिकेट देता। बी यानि बकवास। सचमुच फीवर एक सस्पेंस थ्रिलर है। सस्पेंस यह कि आकाशवाणी के धीमी गति के समाचार टाइप 127 मिनिट की इस फिल्म में 15 गाने कौन झेलेगा? (9 तो संगीतकार हैं) यह भी सस्पेंस हैं कि इस फिल्म में आखिर पैसा किसने लगाया होगा? राजीव झवेरी इसके पहले ढूंढते रह जाओगे का निर्देशन कर चुके हैं, जो इस फिल्म में दर्शकों के लिए कहा जा सकता है। कुछ तो है फिल्म भी उन्हीं की थी, इस फिल्म के बारे में तो यह भी नहीं कहा जा सकता। इतनी धीमी गति, इतनी भूलभुलैया, एक हीरो पर तीन-तीन हीरोइनें, स्विटजरलैंड की शानदार वादियां और ऐसी फिल्म! तौबा-तौबा। जो लोग 150-200 रुपए के टिकिट में सवा-दो ढाई घंटे शांति से सोना चाहते है, उनके लिए यह फिल्म सुनहरा अवसर है।

इस फिल्म में राजीव खंडेलवाल लीड रोल में हैं, लेकिन गौहर खान ने अपनी एक्टिंग का लोहा मनवा दिया। सच का सामना वाले राजीव खंडेलवाल कांट्रेक्ट किलर के रोल में है और उनके सामने खड़ी है, तीन-तीन हीरोइनें। गौहर खान के अलावा ब्रिटिश टीवी की अभिनेत्री गेमा एटकिनसन और कैटरीना मुरीनो। अंकिता मकवाना और विक्टर बैनर्जी भी इस फिल्म में है। फिल्म के बारे में कहा गया है कि अगर आप राजीव खंडेलवाल के फैन है तो यह फिल्म जरूर देखिए। अब राजीव खंडेलवाल के फैन्स है नहीं, इसलिए कोई फिल्म देखने जा नहीं रहा।

कांट्रेक्ट किलर की एक दुर्घटना में याददाश्त चली जाती है और स्विटजरलैंड के एक अस्पताल का डॉक्टर रॉय (विक्टर बैनर्जी)उसकी मदद करता है। एक के बाद एक रहस्यमयी घटना घटती जाती है। कभी वह कौन थी फिल्म टाइप, कभी गुमनाम टाइप और कभी सलीम जावेद की फिल्मों की कहानी जैसी। स्विटजरलैंड की वादियां है, भारतीय पर्दे पर आई नई-नई विदेशी हीरोइनें हैं, हिन्दी और इंग्लिश में गाने है, रहस्यमय पार्श्व संगीत है पर सबकुछ इतना ज्यादा गड्डमड्ड कि दर्शक को समझ ही नहीं आता कि हो क्या रहा है। बेचारी अकेली गौहर खान दर्शकों का कितना ख्याल रख पाती। अंत में जाते-जाते वह भी सेंटी हो गई और कहानी को मोड़ देने की कोशिश करते-करते फिल्म से रुखसत हो गई।

यह फिल्म विदेश में ही फिल्मानी थी और निर्माता-निर्देशक के पास पैसे कम पड़ गए, तो राजीव खंडेलवाल और गौहर खान ने अपनी फीस की आखिरी किस्त माफ कर दी। फिल्म को चलाने के लिए दोनों ने तरह-तरह के इंटरव्यू दिए। जेमा एटकिनसन ने तो पत्रिकाओं में न्यूड पोज भी दिए। इंटरवल के बाद ऐसा लगा कि शायद अब कुछ दिलचस्प देखने को मिले पर वह हिस्सा भी उतना ही बकवास लगा। फिल्म के गायक अरिजीत सिंह, टोनी कक्कड़, सोनू कक्कड़, राहुल जैन, अलीशा पीसा, दिव्यम, शर्मली खोलघड़े वगैरह-वगैरह ने 127 मिनिट की फिल्म में 65 मिनिट तक गाने झिलवाए। फिल्म में हर लोकेशन पर गाना है। सड़क पर गाना, बेडरूम में गाना, बाथरूम में गाना, स्वीमिंग पुल में गाना, होटल में गाना, कार में गाना, ट्राम में गाना, गाना, गाना, गाना। थोड़ा तो रहम करते भाई।