
ए फ्लाइंग जट्ट की कहानी का आइडिया हॉलीवुड और बॉलीवुड की भी फिल्मों से मारा हुआ है। टेक्निक भी इम्पोर्ट की हुई है। हीरोइन श्रीलंका से आयातित जैकलिन फर्नांडीस और विलेन ऑस्ट्रेलिया से आयातित नाथन जोन्स हैं। बेहतर होता है कि इसके निर्माता-निर्देशक दर्शक भी इम्पोर्ट कर लेते, क्योंकि यह फिल्म नकल की भी नकल है और इसे झेल पाना आम दर्शकों के बस की बात नहीं है। फिल्म में हीरो टाइगर श्राफ का एक डायलॉग है- ‘‘हां, मैं सरदार हूं और मेरे बारह बज चुके हैं’’। इस फिल्म में बताया गया है कि सरदारों के बारह बजने का क्या मतलब होता है।
टाइगर श्राफ ने इस फिल्म में कृष के रितिक रोशन की नकल की है। टाइगर के दौड़ने, लड़ने और गानों के दृश्य भी रितिक रोशन की नकल लगते है और फिर कृष कौन-सी ओरिजनल कहानी पर बनी थी? यह तो नकल की भी नकल है और घटिया नकल। सिंह इज किंग में अक्षय कुमार सरदार बने थे, अजय देवगन सन ऑफ सरदार में और सनी देओल कई फिल्मों में सरदार की भूमिका में आ चुके हैं, लेकिन टाइगर श्राफ तो लगता है कि किसी स्कूल के फैंसी ड्रेस काम्पीटिशन में सरदारों की पोशाक पहनकर आ गए है। यह फिल्म इस बात का आदर्श नमूना है कि बॉलीवुड वाले कितनी घटिया फिल्में बना सकते है।

फिल्म का नायक एक ऐसा सुपरहीरो है, जो औसत बुद्धि से भी कम का लगता है। उसकी हरकतें अप्रभावी और साहस नहीं के बराबर है। अब ऐसे हीरो को कौन सुपरहीरो मानेगा? जो बार-बार विलेन से पिटता हो, ऐसा हीरो जो ऊंचाई से डरता हो, उड़ता भी हो तो जमीन से 5-7 फुट ऊपर। ऊपर से उस हीरो की मां ऐसी सरदारनी, जो बेवड़ी है और अपने बेटे से कोख का ९ महीने का किराया मांगती हो। अगर यह बात मजाक में भी कही गई हो तो भी सवाल उठता है कि क्या ऐसे मजाक को कोई स्तरीय मजाक मानेगा? वैसे भी अमृता सिंह को निरूपमा रॉय या कामिनी कौशल की तरह मां के रूप में देखना अजीब ही लगता है। अमृता सिंह के पर्दे पर आते ही सैफ अली खान और करीना कपूर का अक्स भी सामने आ जाता है। 33 साल पहले बेताब फिल्म में सनी देओल के साथ क्या शानदार एंट्री की थी अमृता सिंह ने। बाद में उन्होंने अपने से कम उम्र के सैफ अली खान से शादी की, जो चल नहीं पाई।

फिल्म के निर्देशक रेमो डिसूजा ने टाइगर से कहा था कि वे ओरिजनल सुपर हीरो की तरह एक्टिंग करने की कोशिश करें, लेकिन टाइगर बन बैठे रितिक रोशन की धुंधली फोटोकॉपी। टाइगर ने रितिक की तरह रोमांटिक सीन और गाने भी किए है। फिल्म के पोस्टर और ट्रेलर में भी यह नकल साफ दिखती है। फिल्म का सुपर हीरो स्पाइडरमैन और सुपरमैन की तरह तकलीफ में पड़े लोगों को बचाता है। रोमांस भी करता है और पर्यावरण बचाने तथा गंदगी को फैलने से रोकने की भी बात करता है। यह तो अच्छा हुआ कि फिल्म में उसने ‘स्वच्छ भारत का इरादा कर लिया हमने’ गाना नहीं गाया।

जैकलिन फर्नांडिस ने एक बेवकूफ स्कूल टीचर का रोल किया है, जिसमें उसे करने के लिए कुछ था नहीं। केके मेनन ने प्रदूषण फैलाने वाले केमिकल उद्योग के मालिक मल्होत्रा का रोल किया है। इस फिल्म में खलनायक का मुख्य रोल किया है नाथन जोन्स ने, जो रिटायर प्रोफेशनल रेसलर हैं। नाथन जोन्स की रेटिंग विश्व हेवीवेट चैम्पियनशिप में नंबर 1 पर भी रही है। डब्ल्यूडब्ल्यूई के अंडरटेकर के साथ उसकी कुश्तियां भी खूब देखी जाती थी। 1985 से 87 के बीच आठ सशस्त्र डकैतियों के मामले में जोन्स को 16 साल की सजा सुनाई गई थी। 16 साल वह जेल में रहा और जेल में ही उसने पॉवर लिफ्टिंग और रेसलिंग सीखी। अगर बालाजी फिल्म वाले नाथन जोन्स पर फिल्म बनाते तो वह शायद ज्यादा चल जाती। इस फिल्म में नाथन जोन्स को राका नाम दिया गया है, लेकिन उसका कोई भी डायलॉग दर्शकों को समझ में नहीं आया। डायरेक्टर ने फाइटिंग के दृश्यों में उसे टाइगर श्राफ के साथ लगभग बराबर के सीन दिए है। कहां नाथन जोन्स और कहां टाइगर श्राफ? श्रद्धा कपूर भी एक दृश्य की अतिथि भूमिका में है।

रेमो के कारण इस फिल्म में नाच-गाना तो होना ही था, लेकिन वह भी दर्शकों को लुभा पाएगा, इसमें शक है। यह पूरी फिल्म ही अविश्वसनीय और अतिरंजित लगती है। कहानी के अनुसार पूरा घटनाक्रम छत्तीसगढ़ का है, लेकिन फिल्म के कलाकार पंजाबी और राजस्थानी ड्रेस में नजर आते है। कई लोकेशन्स भी रेगिस्तान और पंजाब की दिखाई गई है। संदेश के नाम पर इस फिल्म में यह संदेश है कि प्रदूषण समाज के खलनायकों को ताकत देता है और अच्छा पर्यावरण नायकों को फलने-फूलने में मददगार है। कॉमेडी करने वाला सुपरहीरो कुछ बच्चों को जरूर पसंद आ सकता है।