
पुरानी फिल्मों में हीरो का नाम राज और विलेन का नाम डीके टाइप होता था। ‘अ जेंटलमैन’ के निर्देशकों में राज और डीके का नाम है। अगर टाइम पास करने के लिए अ जेंटलमैन देखने चले गए हैं, तो उसे आसानी से भूल भी सकते है। मसाले से भरपूर यह फिल्म तीन दूसरे फिल्मों के साथ लगी है, लेकिन ज्यादा स्क्रीन यही शेयर कर रही है। एक्शन से भरपूर अ जेंटलमैन में रोमांस, खूबसूरत लोकेशन्स और नाच-गाना भी है। फॉर्मूले वहीं पुराने है। अनाथ हीरो, देशद्रोही खलनायक, बड़े पैमाने पर किकबैक की राशि, किकबैक के सबूत वाली हार्ड ड्राइव, सर्वर में सबूत, एनएसए की तरह एनएससी, हीरो का शरीफ की तरह जीवन बिताने का इरादा और उसके पीछे पड़ा खलनायक। मुंबई, गोवा, मियामी आदि के खूबसूरत दृश्य। खेल खत्म मैगी-नूडल्स हजम।

नए कलाकारों में सिद्धार्थ मल्होत्रा और जैकलिन फर्नांडीस की जोड़ी जमी है। कहानी को दिलचस्प बनाने के लिए नए लटके-झटके है। हीरो शरीफ बंदा है और हीरोइन पर फिदा है, लेकिन हीरोइन को शरीफ लोग ज्यादा पसंद नहीं है। हीरो का सपना है बीवी, बच्चे, घर, बगीचा, कुत्ता आदि-आदि। हीरोइन को ऐसा बंदा पकाऊ लगता है, लेकिन हीरो तो जेंटलमैन है ही नहीं। जेंटलमैन होने की एक्टिंग कर रहा है और 31 महीने बाद उसकी पोल खुल जाती है। अब हीरोइन हीरो पर फिदा।

फिल्म में सुनील शेट्टी, रजित कपूर, सुप्रिया पिलगांवकर, दर्शन कुमार, विजय सक्सेना, कुशल पंजाबी आदि-आदि भी है। अंग्रेजी फिल्मों के कई दृश्य इसे देखते हुए याद आ जाते है। गानों से कोई खास राहत नहीं मिलती। सिद्धार्थ मल्होत्रा ने गौतम और ऋषि के दो रोल किए है, लेकिन यह फिल्म डबल रोल वाली नहीं है। फिल्मों में हीरो हीरोइन के लिए सब चीजें आसानी से उपलब्ध हो जाती है। इस फिल्म में भी सब आराम से मिल जाता है। औसत दर्जे की फिल्म है।
25 August 2017, 1.20 PM